सीबीआई के पूर्व चीफ और हिमाचल के पूर्व डीजीपी अश्विनी कुमार ने की आत्महत्या, डिप्रेशन के हो गए थे शिकार

पूर्व सीबीआई चीफ और हिमाचल के पूर्व डीजीपी अश्विनी कुमार ने बुधवार को खुदकुशी कर ली यह बताया जा रहा है। उन्होंने शिमला में स्थित अपने घर में फांसी लगा ली, बहुत दिनों से डिप्रेशन के शिकार थे।

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लगातार भारत से ऐसे समाचार मिल रहे हैं कि लोग डिप्रेशन में आकर आत्महत्या का शिकार हो जाते हैं। पूर्व सीबीआई चीफ और हिमाचल के पूर्व डीजीपी अश्विनी कुमार ने बुधवार को खुदकुशी कर ली। यह बताया जा रहा है कि वे डिप्रेशन के शिकार थे। शिमला के एसपी मोहित चावला ने इस घटना की पुष्टि की है और यह बेहद ही चौंकाने वाला मामला है। चावला ने उनकी आत्महत्या पर कहा कि अश्विनी कुमार हम सभी के लिए रोल मॉडल थे। यह बताया जा रहा है कि अश्विनी कुमार ने अपनी आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था जिसमें उन्होंने लिखा “जिंदगी से तंग आकर अगली यात्रा पर निकल रहा हूं!”

अश्विनी कुमार का जन्म 15 नवंबर 1950 को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में हुआ था। उन्होंने किन्नौर जिले से कोठी गांव के पास सरकारी प्राइमरी विद्यालय में अपनी प्रारंभिक शिक्षा का अध्ययन किया और उसके बाद इंडियन मिलिट्री कॉलेज देहरादून तथा बिलासपुर के सरकारी विद्यालय में पढ़ाई की। उनका ग्रेजुएशन हिमाचल प्रदेश के नाहन स्थित सरकारी विद्यालय में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट में पीएचडी की डिग्री भी हासिल की थी। 2013 से 2014 तक भी नागालैंड के गवर्नर रहे थे।

2013 में थोड़े समय के लिए मणिपुर के गवर्नर भी रहे। अगस्त 2006 से जुलाई 2008 के बीच में हिमाचल प्रदेश की डी पी रहे तथा 2 अगस्त 2008 से 30 नवंबर 2010 के बीच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन अर्थात सीबीआई के डायरेक्टर पद पर रहे। उस दौरान उन्होंने अमित शाह को सोहराबुद्दीन शेख के फर्जी एनकाउंटर मामले में गिरफ्तार किया था। 1985 में शिमला के एसपी रहते हुए अश्विनी कुमार को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप में अप्वॉइंट किया गया था। 1985 से 1990 तक उन्होंने एसपीजी में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया। वे पीएमओ के असिस्टेंट डायरेक्टर भी रह चुके थे। इसके अलावा भारत की कई खुफिया एजेंसियों में भी उन्होंने अपना अहम योगदान दिया था।

Image Source: Tweeted by @DrNareshkr

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