विधानसभा चुनाव में भाजपा ने वीआईपी को दी 11 सीटें, भाजपा के चुनाव चिन्ह पर लड़ेंगे सभी प्रत्याशी

बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एक अहम ऐलान करते हुए अपनी 11 सीट है विकासशील इंसान पार्टी यानी बीआईपी को देने की बात कही है। सभी प्रत्याशी भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे, इसके अलावा बीआईपी को एक विधान परिषद की सीट भी दी जाएगी।

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बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सीटों का बंटवारा हो चुका है। जनता दल यूनाइटेड अपनी कुछ सीटें हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को देगी वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अपनी 11 सीटों को विकासशील इंसान पार्टी यानी वीआईपी को देने का ऐलान किया है। सभी विधानसभा क्षेत्रों पर भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिन्ह कमल के फूल पर ही यह 11 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। पटना में इसकी आधिकारिक घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने की। साथ ही मुकेश सहनी को विधान परिषद की 1 सीट भी दी जाएगी। यदि यह सभी विधायक जीते हैं तो भी यह सभी विधायक भारतीय जनता पार्टी के विधायक ही कहलाएंगे इसी कारण स्वयं मुकेश सहनी इस चुनावी मैदान में नहीं उतरे हैं।

कल तक जो तेजस्वी और तेजप्रताप यादव को अपना छोटा भाई कहते थे वह आज भारतीय जनता पार्टी के साथ आकर चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। इसलिए कहा जाता है कि राजनीति में कोई भी व्यक्ति पूर्णकालिक शत्रु नहीं होता और कोई भी व्यक्ति पूर्णकालिक मित्र भी नहीं होता। मुकेश ने जब महागठबंधन का साथ छोड़ा, उन्होंने कहा था कि महागठबंधन में मुझे उपमुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई थी लेकिन उन सभी ने मेरी पीठ में छुरा भोंका है, वहीं भाजपा ने उस जख्म पर मरहम लगाया है। मुकेश ने कहा कि एनडीए गठबंधन से मुझे जो भी मिला है वह सब ठीक है। मैंने 2015 में भी भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन किया था, हालांकि कुछ कारणों से मैं अपने मार्ग से भटक गया !..

लेकिन आज मैं फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ आ गया हूँ। जहां से मैंने अपना राजनीतिक कैरियर शुरू किया था आज मैं फिर वही आ चुका हूँ। मुकेश ने कहा, “हमने गठबंधन के साथ बहुत ताल से ताल मिला कर काम करने की कोशिश की लेकिन महागठबंधन में नेतृत्व की कमी और एक व्यक्ति के आदेश का पालन करना बहुत जरूरी हो गया था, इसी कारण लोकसभा में हमें दरभंगा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन अंतिम क्षण में हमें वहां से हटाकर दूसरे स्थान पर भेज दिया गया। उन्होंने कहा गठबंधन में दो-तीन दिन पहले आए लोगों को टिकट दिया गया, नई पार्टियों को सीटें दी गई लेकिन कहीं न कहीं अति पिछड़ा एक मल्लाह के बेटे की पीठ में छुरा घोंपा गया!”

Image Source: Tweeted by @Dev_Fadnavis

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