
उत्तर प्रदेश में आप जहां भी जाएंगे वहां आपको ब्राह्मण,अहीर,दलित,राजपूत,जाट आदि नाम लिखी हुई गाड़ियां देखने को मिलेंगी। लोग अपनी जाति को सबके सामने प्रदर्शित करने के लिए इस तरह के स्लोगंस का प्रयोग अपनी गाड़ियों पर करते हैं। कुछ लोगों को इनसे एतराज भी है इसीलिए महाराष्ट्र के शिक्षक हर्षल प्रभु ने इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था। उन्होंने आईजीआरएस पर प्रधानमंत्री मोदी की शिकायत की। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश तथा कुछ अन्य राज्यों में लोग अपने वाहनों पर अपनी जाति लिखकर गर्व महसूस करते हैं। इससे सामाजिक ताने-बाने को बहुत नुकसान पहुंचता है। तथा यह कानून के खिलाफ भी है।
भारत वैसे भी जाति आधारित अपराधों के लिए बहुत संवेदनशील है। इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। हर्षल प्रभु ने पीएमओ से शिकायत की। प्रधानमंत्री ऑफिस के द्वारा यह शिकायत उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग को भेजी गई है। उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त महेश चंद्र ने तत्काल आदेश देते हुए कहा है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।जिन भी वाहनों पर जातिसूचक शब्द लिखे हो उन्हें सीज किया जाए। हमारी प्रवर्तन टीमों ने जब इस बात को गंभीरता से लिया तो देखा कि हर 20 वीं गाड़ी पर ऐसे जाति सूचक शब्द लिखे हुए हैं।
वही कानपुर में भी ऐसा आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश जारी होने के बाद डीके त्रिपाठी, उप परिवहन आयुक्त कानपुर ने भी अपने आदेशों में कहा कि वाहनों पर या नंबर प्लेट पर जातिसूचक शब्द नहीं लिखे जाने चाहिए। उल्लंघन पर वाहन सीज किया जाएगा। हमारी प्रवर्तन टीमों के मुताबिक औसतन हर बीसवें वाहन पर जाति लिखी पाई जाती है। मुख्यालय ने ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।


