महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए लगातार महाराष्ट्र की सरकार विचार कर रही है। इसी मामले को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एक बैठक हुई जिसमें सीएम ने कहा कि सभी को मिलकर इस पर फैसला लेना होगा। उन्होंने कहा कि यदि लॉकडाउन लगा तो महीने भर में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकेगा। उनका कहना है कि 15 से 20 अप्रैल के बीच में स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो सकती है। कोरोना की चेन तोड़ना जरूरी है। टीका लगाने के बाद भी लोग संक्रमित हो रहें हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को कुछ दिक्कतें आएंगी। कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ निर्णय लेने होंगे। अगर सभी रास्तों पर उतर आए, तो कोरोना की रफ्तार पर रोक कैसे लगेगी? बताया जा रहा है दो-तीन दिन बाद फिर इस पूरे मामले पर समीक्षा बैठक की जाएगी।
मध्यप्रदेश में भी संक्रमण के बढ़ने के कारण प्रदेश में लॉकडाउन लगाया गया था। लेकिन अब सूचना आ रही है इंदौर, बरवानी, राजगढ़, विदिशा (अर्बन-रूरल), राउ नगर, महूनगर और शाजापुर, उज्जैन में लॉकडाउन को 19 अप्रैल सुबह 6 बजे तक बढ़ाने की घोषणा की गई है तो बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी और जबलपुर में 12 से 22 अप्रैल तक लॉकडाउन रहेगा।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश में इस महीने के अंत तक कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है। चौहान ने मीडिया कर्मियों से कहा, ” जिस रफ्तार से कोरोना वायरस संक्रमण प्रदेश में बढ़ रहा है, उपचाराधीन मरीजों की संख्या इस महीने के अंत तक एक लाख तक पहुंच सकती है। हम इसे बीच में ही रोकने की कोशिश कर रहे हैं और लॉकडाउन सहित अन्य उपायों को अपनाना शुरू कर दिया है।”
चौहान ने कहा, ”तीन दिन पहले तक प्रतिदिन 60 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती थी। शुक्रवार को प्रदेश में 180 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। ऑक्सीजन का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। हाल ही में प्रदेश के कुछ शहरों में कोविड-19 के मरीजों के उपचार में उपयोग होने वाले रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कमी होने की खबरें आई थीं।”



