काशी विश्व की सबसे प्राचीन नगरी है और यहां के राजा है भगवान शंकर। जन्म से लेकर मृत्यु तक का पूरा खेल 84 घाटों पर दिखाई देता है। भगवान राम के पूर्वज राजा हरिश्चंद्र ने इन्हीं 84 घाटों में से एक राजा हरिश्चंद्र घाट पर अपनी पत्नी से चिता का मोल मांगा था। प्रधानमंत्री मोदी इस समय इसी संसदीय क्षेत्र का नेतृत्व करते हैं। बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर से लेकर कई प्रमुख योजनाएं इस समय काशी में चलाई जा रही है। इसी बीच खबर आ रही है कि अब बनारस के 84 घाटों में से एक खिरिया घाट को देश के नए पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
नेशनल बिल्डिंग कॉन्ट्रक्शन कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक अनिल यादव के अनुसार इस घाट को 11.5 एकड़ की भूमि पर बनाया जा रहा है। जिसमें लगभग 35.53 करोड रुपए खर्च होंगे। आम जनता के लिए इस घाट को 2021 में खोल दिया जाएगा। इस घाट पर 120 चार पहिया वाहन तथा 250 पहिया वाहन को पार्क करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इस खिरिया घाट में फूड कोर्ट, लाइब्रेरी,सीएनजी स्टेशन,मॉर्निंग वॉक स्ट्रेट जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा इस घाट पर हेलीकॉप्टर की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस घाट पर आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल की झलक देखने को भी मिलेगी। इस घाट पर काशी के लोगों द्वारा हस्तशिल्प से तैयार किए गए सामान भी बेचे जाएंगे। रेलवे टिकट के लिए दुकान है तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए स्थान भी यहां बनाया जा रहा है।



