दिल्ली में लगातार कृषि सुधार अधिनियम के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है। हजारों की संख्या में किसान अभी भी सड़कों पर जमे हुए हैं। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहले भी कहा था कि हम बिना शर्त केंद्र सरकार से बात करना चाहते हैं। इसीलिए अब केंद्र सरकार को भी झुकना पड़ा है। केंद्र सरकार ने किसान संगठनों के कुल 32 प्रतिनिधियों को बुलावा दिया है। आज दोपहर 3:00 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से बात करेंगे। वहीं दूसरी तरफ पंजाब किसान संघर्ष कमेटी के सुखविंदर का कहना है कि देश में किसानों के करीब 500 से अधिक संगठन है लेकिन अगर सरकार केवल 32 को न्योता देती है ऐसे में अगर सरकार सभी संगठनों को नहीं बुलाएगी तो हम नहीं जाएंगे।
नए कृषि कानूनों के प्रति भ्रम को दूर करने के लिए मैं सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों एवं किसान भाइयों को चर्चा के लिए आमंत्रित करता हूँ।@AgriGoI pic.twitter.com/3mttdQhtl0
— Narendra Singh Tomar (@nstomar) November 30, 2020
कृषि मंत्रालय की ओर से किसान संगठनों को जो चिट्ठी लिखी गई है। उसमें यह कहा गया है, “भारत सरकार ने पहले भी आप से 2 बार बातचीत की है…ऐसे में उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए 1 दिसंबर को दोपहर 3:00 बजे आगे की बात होगी… जो संगठन पहले शामिल हुए थे, वही दोबारा भी शामिल हो।” इस बातचीत में निम्न संगठनों के निम्न प्रतिनिधि शामिल होंगे:
डॉ दर्शन पाल, स्टेट प्रेसिडेंट, क्रांतिकारी किसान यूनियन पंजाब
कुलवंत सिंह संधू,जनरल सेक्रेट्री, जमूहरी किसान सभा पंजाब
बूटा सिंह बुर्जगिल, प्रेसिडेंट, भारतीय किसान सभा दकोंदा
बलदेव सिंह निहालगढ़, जनरल सेक्रेटरी, कुल हिंद किसान सभा पंजाब
निरभाई सिंह धदिके, प्रेसिडेंट, क्रांतिकारी किसान यूनियन
रुलदु सिंह मानसा, प्रेसिडेंट, पंजाब किसान यूनियन
इनके अलावा किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब, किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, भारतीय किसान यूनियन एकता, भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी, भारतीय किसान यूनियन सिंधुपुर, भारतीय किसान यूनियन क्यूदियन, भारतीय किसान यूनियन मांसा, मांझा किसान यूनियन, कुल हिंद किसान फेडरेशन, भारतीय किसान यूनियन लखेवाल तथा किसान बचाओ मोर्चा इत्यादि किसान संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधि आज इस चर्चा में शामिल होंगे।



