लखनऊ महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत, बोले : चलता रहेगा हमारा आंदोलन

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3 नए कृषि कानूनों को भंग करने के लिए शुरू हुआ किसान आंदोलन, प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा किए गए ऐलान के बाद भी खत्म नहीं हो रहा है। किसान नेताओं का कहना है कि हमारी और भी मांगे हैं जब तक सरकार उन पर बात नहीं करेगी तब तक ही आंदोलन खत्म नहीं होगा। पहले किसान नेताओं का कहना था कि जब तक तीनों किसी कानून वापस नहीं होंगे तब तक हम वापस नहीं जाएंगे। लेकिन अब किसान नेताओं के इरादे बदल गए हैं। राजधानी के इको गार्डेन पार्क पर संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में भाक‍ियू नेता राकेश ट‍िकैत पहुंच गए हैं। इस दौरान उन्‍होंने क‍िसान आंदोलन के दौरान मृत 750 क‍िसानों को शहीद का दर्जा द‍िए जाने की मांग की है। राजधानी पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने की भी मांग की है। कहा, MSP पर क़ानून बनाओ। उन्‍होंने कहा क‍ि दूध के लिए भी एक नीति आ रही है उसके भी हम ख़िलाफ़ हैं, बीज क़ानून भी है। इन सब पर बातचीत करना चाहते हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा ने कह दिया है कि जब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोई कानून नहीं बनाया जाएगा तब तक किसान अपने घर नहीं लौटेंगे। मोर्चे की ओर से कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार लगातार इस मुद्दे पर किसानों को गुमराह कर रही है कि एमएसपी लागू थी, लागू है और लागू रहेगी। जबकि हकीकत यह है कि किसानों की उपज औने-पौने दामों पर खरीदी जा रही है। संसद से कृषि बिल पास होने व कानून बनने के बाद से किसानों का आंदोलन चल रहा है। अब संयुक्त किसान मोर्चा लखनऊ में हुंकार भर रहा है।

मोर्चा की प्रदेश कमेटी के सदस्य व भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिनाम सि‍ंह वर्मा ने कहा है कि कृषि कानून वापसी केवल चुनावी जुमला है। उन्होंने कहा कि कृषि कानून संसद से पास हुए थे तो संसद से ही वापस होने चाहिए। इसके लिए टेलीविजन पर बयानबाजी करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक एमएसपी पर कानून बनाकर इसे लागू नहीं किया जाएगा, तब तक किसान मानने वाले नहीं है। किसान पंचायत में बिजली, डीजल, महंगाई आदि पर बात होगी। पंचायत में किसान नेता दर्शन पाल सि‍ंह, जोगेंद्र सि‍ंह आदि आएंगे।