राजस्थान में अभी अशोक गहलोत की कुर्सी संभलती नहीं दिख रही है। इसी बीच बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राजस्थान की राजनीति में एंट्री कर ली है। उन्होंने कहा, “विधानसभा चुनाव में हमारे 6 विधायक जीते थे। जिसके बाद हमने बिना शर्त कांग्रेस को समर्थन दिया था। लेकिन अशोक गहलोत की मंशा ने हमारी पार्टी को बहुत नुकसान पहुंचाया है। बहुजन समाज पार्टी के 6 विधायकों को कांग्रेस में शामिल करना बिल्कुल असंवैधानिक है और हम इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।”
बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने भी कुछ दिनों पहले एक पत्र जारी कर अपने विधायकों से विधानसभा में अशोक गहलोत के खिलाफ वोट डालने को कहा था और यह भी कहा था कि यदि कोई विधायक ऐसा नहीं करता है तो उसकी सदस्यता निरस्त कराने के लिए हम प्रयास करेंगे।
और पढ़ें: मायावती की मांग, राजस्थान में लगे राष्ट्रपति शासन
इसी पत्र के जारी होने के बाद प्रियंका गांधी ने बिना मायावती का नाम लिये मायावती पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया था। उस ट्वीट में प्रियंका गांधी ने लिखा था, “भाजपा के अघोषित प्रवक्ताओं ने भाजपा की मदद से व्हिप जारी किया है। यह केवल व्हिप नहीं है बल्कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों के लिए क्लीनचिट है।”
भाजपा के अघोषित प्रवक्ताओं ने भाजपा को मदद की व्हिप जारी की है। लेकिन ये केवल व्हिप नहीं है बल्कि लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने वालों को क्लीन चिट है।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 28, 2020
इससे पहले बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था, “कांग्रेस की धोखा देने की प्रवृत्ति शुरू से ही रही है। उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर तक को चुनाव हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी।” सतीश मिश्रा ने अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी कर कहा था कि वे विधानसभा में आने वाले विश्वास मत में अशोक गहलोत के खिलाफ वोट करें।
Image Source: Tweeted by @ANINewsUP



