मध्य प्रदेश | कांग्रेस से नाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने और उनके गुट के विधायकों के विधानसभा सदस्यता से इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार पर संकट के बदल मंडराने लगे हैं। इस बीच कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने अपने अपने विधायक दल की बैठक बुलाई। बैठक में कमलनाथ को एक और बड़ा झटका लगा। बैठक में कांग्रेस के महज 88 विधायकों ने ही हिस्सा लिया है। ये बैठक करीब दो घंटे तक चली।
दूसरी तरफ सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने की कगार पर है।
वहीं सिंधिया के मंगलवार शाम बीजेपी में शामिल होने की खबरें भी सामने आई थीं, लेकिन अब खबर है कि सिंधिया अभी बीजेपी में शामिल नहीं होंगे। मिली जानकारी के अनुसार, सिंधिया दिल्ली से ग्वालियर जाएंगे, इसके बाद 12-13 मार्च को भोपाल में बीजेपी में शामिल होंगे।
सिंधिया के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने उनपर विचारधारा के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि “ऐसे नेताओं के बारे में क्या कहा जाए, जिन्होंने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए राष्ट्रीय संकट के समय भाजपा से हाथ मिला लिया। खासकर ऐसे समय में, जब भाजपा अर्थव्यवस्था, लोकतांत्रिक संस्थाओं, सामाजिक तानेबाने और न्यायपालिका तक को ध्वस्त कर रही है।”



