भारत एक ऐसा देश है जिसके लिए उसके सैनिक अपने प्राणों को न्यौछावर करने के लिए भी तैयार रहते हैं। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बाद भी हजारों लाखों शहीदों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग करके भारत के स्वाभिमान और भारत की सीमाओं की रक्षा की है। मध्यप्रदेश के शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी कश्यप उनके पैतृक गांव पहुंचा और वहां गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनकी शव यात्रा एक बड़े काफिले में तब्दील हो गई, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद उनके गांव शहादत को नमन करने पहुंचे। और उसी समय शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया वीरेंद्र त्रिपाठी के परिवार को 1करोड़ की सहायता राशि उनकी पत्नी को एक सरकारी नौकरी, उनके गांव में उनकी एक प्रतिमा लगवाई जाएगी। पूरे गांव में धीरेंद्र अमर रहे!.. भारत माता की जय!.. हिंदुस्तान जिंदाबाद !..के नारे लग रहे थे। शिवराज सिंह चौहान उनके पैतृक गांव पहुंचे तो धीरेंद्र की मां उनसे लिपट कर रोने लगी और बोली जिन्होंने मेरे लाल को मारा है उन्हें भी मरवाओ!…
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीआरपीएफ के जवान शहीद धीरेंद्र त्रिपाठी की शहादत पर कहा कि उन्होंने भारत की सुरक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया है। ऐसे अमर शहीद के चरणों में मैं मध्यप्रदेश की सात करोड़ जनता की ओर से श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। उनका परिवार अब हमारा परिवार है। अमर शहीद अपना परिवार छोड़कर गए हैं हम इस परिवार के साथ हैं। हम शहीद धीरेंद्र को तो वापस नहीं ला सकते लेकिन उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि भेंट करेंगे। इसके अलावा इस गांव में शहीद धीरेंद्र की एक प्रतिमा का निर्माण भी कराया जाएगा तथा उनके परिवार में किसी एक व्यक्ति को शासकीय नौकरी भी दी जाएगी।
उन्होंने अपने ट्विटर पर एक ट्वीट करते हुए लिखा, “मेरे देशवासियों!
हम पर इस माँ का कर्ज है।
मैं इस तस्वीर को हमेशा साथ रखूँगा, क्यूँकि ये मुझे याद दिलाएगी कि राष्ट्र सर्वोपरि है, राष्ट्र मुझसे कहीं ऊपर है और यह भावना मुझे जीवन का एक एक पल राष्ट्र को समर्पित करने की प्रेरणा देती रहेगी।
शहीद जवान धीरेंद्र त्रिपाठी अमर रहें। ”
मेरे देशवासियों!
हम पर इस माँ का कर्ज है।
मैं इस तस्वीर को हमेशा साथ रखूँगा, क्यूँकि ये मुझे याद दिलाएगी कि राष्ट्र सर्वोपरि है, राष्ट्र मुझसे कहीं ऊपर है और यह भावना मुझे जीवन का एक एक पल राष्ट्र को समर्पित करने की प्रेरणा देती रहेगी।
शहीद जवान धीरेंद्र त्रिपाठी अमर रहें। pic.twitter.com/X5winW6KeN
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) October 7, 2020



