सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर फैलाया जा रहा झूठ, वैक्सीन के लिए पैसों की कमी नहीं : केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर लगातार विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा था। आज दिल्ली हाईकोर्ट ने यह बात साफ कर दी है कि अगर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूर अपने स्थान पर ही हैं तो फिर इस प्रोजेक्ट को नहीं रोका जा सकता।

0
565
चित्र साभार: ट्विटर @HardeepSPuri

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को एक राजनीतिक मुद्दा बनाकर लगातार विपक्षी पार्टियों के द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की सरकार पर निशाना साधा गया है। कई बार यह बात सामने आई है कि विपक्षी पार्टियों का कहना है कि जब देश में वैक्सीन उपलब्ध नहीं है तो फिर इस तरह का खर्चा करना भी जायज नहीं हो सकता। हालांकि आज दिल्ली हाई कोर्ट के द्वारा यह बात साफ कर दी गई है कि यदि इस प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूर अपने स्थान पर ही रह रहे हैं तो फिर इस प्रोजेक्ट को बंद नहीं किया जा सकता। इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने विपक्ष के हमलों का जवाब दिया। पुरी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि इस परियोजना को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। कुछ महीनों से एक झूठी कहानी बनाई जा रही है।केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री पुरी ने एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि इसे वैनेटी प्रोजेक्ट बताया गया है यानी इसकी जरूरत नहीं है।

हरदीप पुरी ने कहा कि सेंट्रल विस्टा अगले ढाई तीन सौ बरस के लिए है। वर्तमान संसद भवन सौ बरस पुराना हो चुका है। हेरिटेज बिल्डिंग हैं ये सब, इन्हें बिल्कुल डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा एवेन्यू और संसद भवन ये दो अलग अलग प्रॉजेक्ट हैं और इसकी जल्दी इसलिए कर रहे हैं कि भारत की 75वीं जयंती हम नए संसद भवन में करना चाहते हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि तय करते समय नए संसद भवन की कीमत 862 करोड़ आंकी गई थी। सेंट्रल विस्टा की लागत 477 करोड़ थी। यानी कुल करीब 1300 करोड़ की बात है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में सांसदों की संख्या और भी बढ़ने वाली है। इसलिए भी अधिक सीटों वाले संसद भवन की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी पेटिशन को मिलाकर सुप्रीम कोर्ट ने भी सुना। ये कहा जा रहा है कि ये बीस हज़ार करोड़ का प्रॉजेक्ट है, इसे छोड़ कर वैक्सीन देना चाहिए। ये बीस हजार करोड़ का आंकड़ा मनगढ़ंत है और वैक्सीन की उपलब्धता समस्या हो सकती है लेकिन पैसे की तो कोई समस्या नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here