संघर्ष ही जीवन में सफलता की कुंजी है इस वाक्य को हमने किताबों में कई बार पढ़ा है। लेकिन वास्तव में संघर्ष के बल पर अपने जीवन की सभी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है 8 साल की बच्ची तुलसी। दरअसल लॉकडाउन के दौरान जमशेदपुर में आम बेच रही एक बच्ची की मदद करने के लिए नरेंद्र हेते ने उससे 12 आम 1 लाख बीस हजार रुपये के खरीदे हैं। 12 आम के बदले मिले इस धन से उस बच्ची ने अपनी पढ़ाई के लिए एक मोबाइल खरीदा है। बच्ची ने बताया था कि कोरोना के दौरान उसका स्कूल बंद हो गया था और अब केवल online ही पढ़ाई चल रही है, लेकिन उसके पास फोन न होने के कारण वह पढ़ाई नहीं कर पा रही है।
आपको बता दें तुलसी को एक मोबाइल फोन और दो साल का इंटरनेट भी मुहैया करवाया गया, जिससे बच्चे अपनी पढ़ाई बिना किसी समस्या के पूरी कर सके। इस दौरान नरेंद्र हेते और उनके पुत्र अमेया ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब तुलसी अपनी पढ़ाई फिर शुरू कर सकेगी।
इस मदद के बाद तुलसी के पिता श्रीमाल कुमार ने कहा कि नरेंद्र इस खराब समय में उनके लिए भगवान का रूप बन कर सामने आए हैं और अब उनकी बेटी आगे पढ़ सकेगी। तुलसी की मां पद्मनी देवी ने इस मौके पर नरेंद्र हेते को धन्यवाद दिया है। वहीं तुलसी का जीवन अब पूरी तरह से बदल चुका है यह बात खुद बच्ची के द्वारा कही गई है। तुलसी से बहुत खुश है क्योंकि अब वह अपने आगे की पढ़ाई कर सकेगी। उसने कहा है कि अब उसे आम नहीं बेचने होंगे। साथ ही उसने ये भी कहा कि उसके आम इतने मीठे होंगे कि उसकी जिंदगी बदल जाएगी पता नहीं था।



