भारत के राजदूत ने कहा, “भारतीय जमीन पर निर्माण कार्य की अवैध हरकत तुरंत बंद करें चीन”

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कोरोना वायरस के संकट के बीच भारत और चीन के मध्य चल रहा जुबानी जंग शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। अबकी बार भारत ने चीन को कड़े शब्दों में आगाह करते हुए कहा है, “बल प्रयोग करके यथास्थिति को बदलने की कोशिश, न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति को नुकसान पहुंचाएगी बल्कि इसके परिणाम व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ सकते हैं। इसलिए बीजिंग को पूर्वी लद्दाख में अपनी गतिविधियों को रोक देना चाहिए। ये पूरी तरह से चीन पर निर्भर करता है कि वो द्विपक्षीय संबंधों को किस दिशा में ले जाना चाहता है। चीन को इस पर सावधानी से विचार करना चाहिए।”

चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव न हो इसका एक मात्र उपाय ये है कि चीन LAC पर नए निर्माण करना तुरंत बंद करे। समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में विक्रम मिस्री ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि चीन इस बाबत अपने दायित्वों को समझेगा और एलएसी पर तनाव को दूर करेगा और वहां से पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि चीन को बॉर्डर पार कर भारत की सीमा में आने और भारतीय जमीन पर अवैध निर्माण करने की हरकत को तुरंत बंद करना चाहिए। ग़ौरतलब है कि भारत-चीन लद्दाख सीमा पर 15-16 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।

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जिसमें भारत के 20 सैनिक मारे गए थे। दोनों देशों के बीच इस विवाद को सुलझाने के लिए बैठकों का दौर जारी है। भारत के राजदूत ने गलवान घाटी पर चीन के किसी भी तरह के दावे को खारिज करते हुए कहा कि गलवान घाटी पर चीन की ओर से संप्रभुता का दावा बिल्कुल ही असमर्थनीय है और इस तरह बढ़ा चढ़ाकर दावा करने से चीन को किसी तरह का फायदा नहीं होने वाला है। भारतीय राजदूत ने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती आए, इसके लिए ये जरूरी है कि सीमा पर शांति और सौहार्द्र कायम रहे। चीनी सेना की हरकतों ने द्विपक्षीय संबंधों में अच्छी खासी दरार पैदा कर दी है। अब चीनी सेना को भारत की सेना की सामान्य पेट्रोलिंग गतिविधियों के लिए बाधा बननी नहीं चाहिए। भारत ने हमेशा अपनी सीमा में ही किसी प्रकार की गतिविधि की है।

Image Source: Tweeted by @EOIBeijing