मुस्लिमों पर अत्याचार को लेकर चीन पर भड़के 39 देश, चीन के समर्थन में उतरा पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र महासभा की मानवाधिकार समिति की बैठक में 39 देशों ने चीन कई गंभीर आरोप लगाए। इन देशों ने संयुक्त रूप से चीन से कहा, " चीन तत्काल उजागर मुसलमानों पर होने वाले अत्याचारों को रोके !" वहीं चीन के कर्ज के तले दबे हुए लगभग 55 देशों ने चीन का समर्थन किया।

0
441

लगातार चीन अल्पसंख्यकों पर अत्याचार कर रहा है, जिसका पता पूरे विश्व को चल चुका है। इसीलिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के मानवाधिकार समिति की बैठक में 40 देशों ने चीन पर गंभीर आरोप लगाए और चीन से तत्काल अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बंद करने को कहा। हालांकि इसी बैठक में चीन के कर्ज के तले दबे हुए पाकिस्तान ने 55 देशों की ओर से चीन का समर्थन भी किया। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में 39 देशों ने हांगकांग, तिब्बत और चीन के ही मुसलमानों पर चीन द्वारा किए जा रहे अत्याचारों का विरोध किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में 39 देशों ने संयुक्त रूप से कहा, “हांगकांग की स्वायत्तता, और वहां की आजादी को बाहर किया जाए। तथा वहां पर न्यायपालिका के अधिकार का सम्मान किया जाए। ” जब संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा की बैठक में जर्मनी के राजदूत ने इन बातों को कहा तब चीन के कर्ज के तले दबे दबे हुए 55 देशों की ओर से पाकिस्तान ने चीन का दर्शन किया तथा अन्य देशों के हांगकांग मामले में दखलअंदाजी का विरोध किया। पाकिस्तान ने कहा कि यह हिस्सा चीन का है, और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम एक देश और दो सिस्टम को सुनिश्चित करेगा।

UN समिट में करीब 40 पश्चिमी देशों ने चीनी HR पॉलिसी और अल्पसंख्यक समूहों के साथ चीन के बरताव को लेकर शी जिनपिंग की सरकार को आड़े हाथों लिया गया। इससे पहले ब्रिटेन के 130 सांसदों ने चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों के सामूहिक उत्पीड़न की निंदा करते हुए चीनी राजदूत को एक पत्र लिखा था। इसमें मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन तुरंत बंद करने को कहा गया था। पत्र में जबरन नसबंदी, सामूहिक नजरबंदी से जुड़ी रिपोर्ट के अलावा कुछ वीडियो का हवाला दिया गया था,जिनमें उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार के दृश्य कैद थे। झिंजियांग क्षेत्र लगभग 10 मिलियन उइघरों का घर है। शिनजियांग की लगभग 45 फीसदी आबादी वाले तुर्क मुस्लिम समूह ने लंबे समय से चीन के अधिकारियों पर सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक भेदभाव का आरोप लगाया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here