कुछ समय पहले भारत की संसद से नागरिकता संशोधन कानून पास हुआ था। इसके विरोध में पूरे देश में लोगों ने सड़कों पर उतर कर देश को दंगों की आग में झोंक दिया। इन दंगों की चपेट में महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा लगभग भारत का हर एक प्रदेश आया। उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति तथा सरकारी संपत्ति के नुकसान को प्रदर्शनकारियों से ही वसूलने का निर्णय लिया। जिसके लिए दिसंबर के प्रदर्शन के बाद योगी सरकार ने प्रदर्शनकारियों के पोस्टर दीवारों पर चिपकाए और उनकी संपत्तियों को जप्त करना शुरू कर दिया। अब यह बताया जा रहा है कि गुरुवार को भी दीवारों पर इसी तरह से पोस्टर लगाए गए हैं और इन प्रदर्शनकारियों पर पांच ₹5000 का इनाम भी रखा गया है।
हम आपको बता दें पुराने लखनऊ में ठाकुरगंज थाना में दर्ज मुकदमे के तहत मौलाना सैफ अब्बास सहित 14 अन्य आरोपियों के पोस्टर लगाए गए हैं। पुलिस की मानें तो जिन प्रदर्शनकारियों पर इनाम घोषित है इनमें से आठ को गैंगस्टर के मुकदमे में वांटेड घोषित कर दिया गया है। इन आरोपियों के घरों के बाहर पुलिस ने नोटिस भी चिपका दिया है। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल रहे आरोपी जेनब के पिता नईम को हिरासत में ले लिया है। नईम ने पुलिस पर अपने साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था। यह भी आरोप लगाया कि जैनब को छुड़ाने आये उनके पिता नईम और उनकी बहन के साथ पुलिस ने बदसलूकी की। खबरों के अनुसार पुलिस ने जिस मौलाना सैफ अब्बास का पोस्टर फोटो में लगाया है। वह अपने घर में ही है लेकिन पुलिस उसे ढूंढ नहीं पा रही है इसके अलावा सभी आरोपी अपने अपने घरों या रिश्तेदारों के घरों में पनाह ले कर बैठे हैं। यह बताया जा रहा है कि अगर मौलाना को गिरफ्तार किया जाता है तो उसके समर्थक प्रदर्शन कर सकते हैं और यह प्रदर्शन हिंसक भी हो सकता है। इसीलिए पुलिस उन तक पहुंचने मे हिचक रही है।



