देश में कोरोना संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि 1 दिन में 500000 केस भी आ जाएं तो सामान्य बात है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों की मौत हो रही है, और लगभग 2 से 300000 लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसी बीच 12 वर्षों के अंतराल पर हरिद्वार में कुंभ का आयोजन भी किया गया है जहां पर भक्तों की भीड़ बहुत ज्यादा एकत्रित हो रही है। कम्युनिस्ट तथा बुद्धिजीवियों के द्वारा कुंभ में स्नान करने का ही लोगों को ट्रोल किया जा रहा है साधु संतों के बारे में सोशल मीडिया पर अपशब्द लिखे जा रहे हैं। इसी बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिद्वार में चल रहे कुंभ को लेकर प्रतीकात्मक रखने की अपील की थी। उनकी अपील का असर होते हुए दिख रहा है आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि श्रद्धालु अधिक संख्या में कुंभ में स्नान करने ना आए। कुछ खबरों के मुताबिक यह भी माना जा रहा है कि समय से पहले ही इस बार कुंभ का समापन किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि उन्होंने जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से इस सिलसिले में फोन पर बात की और साथ ही संतों का कुशल-क्षेम भी पूछा। उन्होंने कहा, ‘मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी।’
मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी। @AvdheshanandG
— Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2021
एक अन्य ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी अवधेशानंद से बात कर उन्होंने सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। उन्होंने कहा, ‘सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया।’
आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से आज फोन पर बात की। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया।
— Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2021



