हाथरस कांड को हर एंगल को जांच कर रही है एसआईटी, पीड़ित परिवार और पुलिसकर्मियों से की बातचीत

हाथरस घटना का जांच कर रही एसआईटी टीम हर एंगल से जांच करने में जुट गई है। टीम उस स्थान का मुआयना किया जिस स्थान पर पीड़िता के शव को मुखाग्नि दी गई थी, साथ ही चंदपा पुलिस स्टेशन जाकर पुलिस कर्मचारी बातचीत की है।

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हाथरस में हुए हिंसक घटना की जांच लगातार एसआईटी कर रही है।टीम पीड़ित परिवार से मामले के बारे में संपूर्ण जानकारी इकट्ठा करने में जुटी हुई है। एसआईटी के सदस्यों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।मंगलवार को यह SIT के सदस्यों ने पीड़िता के गांव बूलगढ़ी पहुंचकर पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की, और उन्हें न्याय मिलने का आश्वासन दिया। एसआईटी बूलगढ़ी गांव के घटनास्थल के साथ-साथ उस स्थान का भी मुआयना किया जिस स्थान पर पीड़िता के शव को मुखाग्नि दी गई थी।

29 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह सचिव भगवान स्वरूप के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय एसआईटी की टीम गठित कर 7 दिन में रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्देशित किया था। फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ एसआईटी की टीम बूलगढ़ी गांव में पहुंचकर मामले को हर एंगल से जांच-पड़ताल की। टीम के सदस्यों ने गांव वालों के बयान दर्ज किए साथ ही लोगों से घटना के संबंधित अहम जानकारिय इकट्ठा करने के लिए बातचीत भी की। पीड़िता के शव को देर रात जलाने के कारण का पता लगने के बाद जातिगत हिंसा फैलाने वाला मुद्दा प्रकाश में आया, जिसमें मथुरा से कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी की गई है। सूत्रों के अनुसार जातिगत हिंसा फैलाने के पीछे पीएफआई का हाथ बताया जा रहा है। एसआईटी कानून व्यवस्था को बिगाड़ने और अफवाहों को फैलाने के पीछे साजिश की भी जांच कर रही है।

एसआईटी चंदपा थाने के पुलिसकर्मियों से भी की बातचीत

एसआईटी टीम पीड़ित परिवार और गांव वालों से बातचीत करने के बाद बूलगढ़ी गांव के नजदीकी पुलिस स्टेशन चंदपा थाने मे भी बातचीत करने के लिए गई थी। हाथरस में हुई घटना का एफआईआर चंदपा थाने मे दर्ज किया गया है। एसआईटी टीम मामले को हर एंगल से जांच करने की कोशिश कर रही है। टीम थाने के पुलिसकर्मियों से भी बातचीत की। चंदपा थाने से एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि प्रथम जानकारी थाने में क्या दी गई थी, और एफआईआर में क्या लिखा गया है। घटना के दौरान मौजूद पुलिस कर्मियों से भी टीम ने बातचीत की। एसआईटी की टीम पुलिस से बातचीत कर एफआईआर का ब्यौरा और थाने में दी गई प्रथम जानकारियों संबंधित कई जानकारी इकट्ठा की है।

हाथरस में घटित होने वाला क्या है पूरा मामला

हाथरस में 14 सितंबर को एक दलित युवती के साथ कथित तौर पर गैंगरेप और उसे जान से मारने की वारदात सामने आई थी। इस घटना को अंजाम देने वाले पीड़िता गांव के ही 4 नौजवान युवक है। सभी आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दी है। पीड़िता के इलाज के लिए सबसे पहले अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया बाद में उसे 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। इस भयावह घटना को घटित होने के बाद हाथरस का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। सुबे के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने मामले को सीबीआई को सौंपने की सिफारिश कर चुके है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस घटना के चलते कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा प्रदेश आग लगाने और दंगा फैलाने की साजिश की भी बात कही थी।

हाथरस कांड में पीएफआई कनेक्शन

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने बताया कि हाथरस मे घटित हुई घटना के सहारे कुछ असामाजिक तत्व जातिगत दंगा फैलाने की कोशिश कर रहे थे। यह बात मुख्य रूप से तब साबित हुई जब मथुरा से चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनके पास कई विद्युत यंत्रों को भी बरामद किया गया है। सूत्रों की मानें तो यह चारों व्यक्ति दिल्ली से हाथरस की ओर दंगा भड़काने के लिए बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें मथुरा में ही धर दबोचा। गिरफ्तार हुए चारों शख्स में एक का नाम अतीकुर्ररहमान उर्फ अतीक है। पुलिस के मुताबिक यह शख्स मुजफ्फरपुर का रहने वाला है परंतु काम के सिलसिले में अधिकतर दिल्ली में ही रहता है। पुलिस के मुताबिक इस व्यक्ति के ऊपर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दंगा भड़काने का भी आरोप है। बाकी गिरफ्तार लोगों के नाम सिद्धकी, मसूद अहमद और आलम है। इन तीनों आरोपियों में सिद्दीकी स्वयं को पत्रकार बताया है।

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