25 दिसंबर को प्रतिवर्ष अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिवस को सुशासन दिवस के रुप में मनाया जाता है। शुक्रवार को पंडित अटल बिहारी वाजपेई जी की 96 वी जयंती थी उनकी जयंती के उपलक्ष्य कार्यक्रम में शक्ति सिन्हा ने उन पर लिखी 300 पेज की पुस्तक “वाजपेई इयर्स डेट चेंज इंडिया” का विमोचन किया। उन्होंने अपनी इस पुस्तक में लिखा है कि 40 मिनट के बस के सफर में हर कोई प्रधानमंत्री अटल बिहारी के साथ उनके बराबर वाली सीट पर बैठना चाहता था और उन से थोड़ी बात करना चाहता था इसीलिए हर किसी को थोड़ी थोड़ी देर के लिए उनके बगल में बैठने का मौका दिया जा रहा था। ऐसे में कपिल देव ही अकेले शख्स थे जो सबसे विनम्र थे और दूसरे व्यक्ति की बारी आते ही तुरंत सीट से हट गए। जबकि कुछ लोगों को तो उनके निजी सचिव को लगभग हाथ पकड़ कर ही हटाना पड़ा था। उनका कहना है कि अब उन लोगों के नाम नहीं लेना चाहते क्योंकि उनमें से कई लोग इस दुनिया में ही नहीं है।
सेना ने अपनी पुस्तक में देवानंद के बारे में कहा है कि उनके पाकिस्तान में अत्याधिक प्रशंसक है। सदा ए सरहद बस जब सीमा के पार पहुंची तो भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री वाजपेई और नवाज शरीफ गले मिले। देवानंद के उनके पास में ही खड़े थे लाहौर की यादों में खोकर वहाँ का जिक्र करने लगे। वह उस समय के किस्से सुनाने लगे जब लाहौर से मुंबई आए थे। सिन्हा ने बताया कि उनके किस्से आगे भी जारी रहते अगर वह उन्हें धीरे से अपने साथ खींच कर लाये होते।



