प्रत्येक व्यक्ति जो आज किसी स्थान तक पहुंचा है निश्चित रूप से बिना संघर्ष के रहे उस स्थान तक नहीं पहुंच सकता। चाहे हम किसी भी राजनेता की बात करें या हम किसी भी अभिनेता की बात करें वह कभी न कभी एक ऐसे वक्त से गुजरा है, जहां से प्रत्येक व्यक्ति को गुजरना पड़ता है। एक ऐसी ही ट्रांसजेंडर है प्रिया पटेल प्रिया पटेल का जन्म 3 जुलाई 1987 को मुंबई से सटे वसई विरार में एक लड़के के रूप में हुआ था। बचपन में उन्हें लगा कि वह आम बच्चे की तरह नहीं है, बल्कि उनमें कुछ अलग है। जब 10 साल की थी तो उनके पिता उनकी मां को छोड़ कर चले गए। आर्थिक तंगी का शिकार होकर वे 13 साल की हुई लेकिन समाज परिवार और उनकी मां उनके खिलाफ खड़े हो गए।
उनका लड़कियों के साथ रहना परिवार को पसंद नहीं आया और एक दिन उनकी माँ ने उन्हें धक्के देकर घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया। प्रिया पटेल बताती है कि घर से निकलने के बाद में मुंबई के विरार रेलवे स्टेशन पर आ गई। जहां उन्होंने करीबन 1 साल तक जिंदगी व्यतीत की। इस दौरान उन्होंने कई कई दिन भोजन नहीं देखा तो कई कई दिन लोगों की जूठन खा कर अपना जीवन व्यतीत किया। वह बताती है कि कई बार उन्हें यौन उत्पीड़न का शिकार भी होना पड़ा। 1 साल तक उनके पास सिर्फ एक ही कपड़ा था और नहाने के बाद उस कपड़े के सूखने तक उन्हें झाड़ियों में छपरा पड़ता था। 2012 में रेलवे स्टेशन पर उनकी मुलाकात ट्रांसजेंडर कम्युनिटी की कुछ लोगों से हुई और उन्हें पेट भरने के लिए ट्रेन में भीख मांगना पड़ा, कुछ दिनों के बाद उन्होंने लोगों के घर में जाकर बधाइयां देना शुरू किया।
NCP becomes 1st political party in India to have a LGBT cell. NCP Maharashtra President Jayant Patil & MP Supriya Sule formally launch the functioning of the LGBT cell in Mumbai.
"We felt LGBT community needs equal rights, so we made a separate cell for them.", said Supriya Sule pic.twitter.com/pL8a5YMmQL
— ANI (@ANI) October 5, 2020
प्रिया ने बताया कि एक बार ट्रेन में भीख मांगते समय उनकी एक फ्रेंड पुलिस से बचने के लिए ट्रेन के ऊपर चढ़ गई और ओवरहेड वायर की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गई। जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। वह बताती है कि उनकी मृत्यु इलाज न मिलने के कारण हुई, जिसके कारण प्रिया ने राजनीति में एंट्री की। इसके बाद सबसे पहले एक एनजीओ से जुड़ी फिर साल 2017 में बीएमसी की कुर्ला वेस्ट वार्ड 166 से चुनाव लड़ा हालांकि बिहार गई। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मार्च 2019 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़ने के बाद उन्होंने घर जा जाकर पार्टी के लिए वोट मांगे, मार्च 2020 लॉकडाउन के बीच उन्हें यह पता चला कि उनके साथी दाने-दाने के लिए मोहताज हो गए हैं। उनके कई साथियों को मकान मालिकों ने घर से बाहर निकाल दिया है। तब प्रिया पटेल ने बारामती से सांसद सुप्रिया सुले से मुलाकात की और पार्टी में ट्रांसजेंडर सेल शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इस तरह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भारत की पहली ऐसी पार्टी है जिसने एलजीबीटी के लिए एक अलग से स्पेशल सेल बनाई है।



