कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए भारत ने उठाये सही और उचित कदम: एस जयशंकर

विदेश मंत्री ने कहा, भारत ने इस मामले में अपनी क्षमता और सीमाओं की पहचान कर सामाजिक दूरी पर भरोसा करने के लिये सही विकल्प का चुनाव किया। इसलिए हमने बहुत पहले ही लॉकडाउन लागू किया।

0
398

कोरोना संकट जैसी स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उसे लेकर अक्सर विपक्षी केंद्र सरकार पर आरोप लगाते रहें है। अब इसी मुद्दे पर हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि भारत ने कोविड-19 से निपटने में सही विकल्पों का चुनाव किया। वर्तमान परिस्थितियों में देश किसी भी अन्य देश से बेहतर स्थिति में है। जयशंकर, कोविड-19 पर गठित किए गए मंत्रियों के समूह में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब इस बीमारी ने वैश्विक महामारी का रूप लेना शुरू किया तब हर देश के पास अपनी क्षमता के अनुसार विकल्प चुनने की चुनौती थी।

वीडियो लिंक के जरिये इंडिया ग्लोबल वीक 2020 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया जैसे देशों के पास जांच करने की बेहतर क्षमता थी और जर्मनी जैसे देशों के पास अच्छे आईसीयू की व्यवस्था थी।  उन्होंने कहा, “हमारे (भारत के) मामले में, अपनी क्षमता और सीमाओं की पहचान कर हमने सामाजिक दूरी पर भरोसा करने के विकल्प का चुनाव किया। इसलिए हमने बहुत पहले ही लॉकडाउन लागू किया। हमने बहुत पहले ही यात्राओं पर पाबंदी लगाई और उसके परिणामस्वरूप तीन महीने… बाद हां, आज महामारी के मामले ज्यादा हैं लेकिन जनसंख्या के हिसाब से कम हैं।” जयशंकर ने कहा कि यह रोचक है कि भारत विश्व में कोविड-19 के मामलों में तीसरे पायदान पर है लेकिन महामारी से होने वाली मौतों के मामले में आठवें पायदान पर है।

और पढ़ें: तो क्या कोरोना की वजह से हो चुकी है चीन के बुरे वक़्त की शुरुआत?

उन्होंने कहा, “हमारे यहां 61 प्रतिशत की दर से लोग ठीक हो रहे हैं और पहले उठाए गए कदमों के कारण जो समय मिला है उससे वायरस के फैलने की गति न केवल धीमी हुई है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी तैयारियां करने के लिए हमें समय मिला है।” भविष्य की रणनीति पर जयशंकर ने कहा कि भारत विश्व में टीके का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला देश है और एक बार कोविड-19 का टीका खोज लिए जाने के बाद उसे वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने में देश की अहम भूमिका होगी।

Image Source: Tweeted by @ANI

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here