संसद अध्यक्षों के पांचवें विश्व सम्मेलन को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान से अलग-थलग कर देना चाहिए, जिससे आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का पाकिस्तान को फल मिल सके। आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा पाकिस्तान का बहिष्कार जरूरी है। पाकिस्तान के पीएम ने पाकिस्तान की धरती पर लगभग 40000 आतंकवादियों के होने की बात स्वीकार की थी। मुंबई, संसद, उरी और पुलवामा हमले पाकिस्तान के द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को दर्शाते हैं। उसने हाफिज सईद, मसूद अजहर और एहसानुल्लाह अहसान के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। इससे पहा चलता है कि पाकिस्तान आतंकियों का खात्मा नहीं करना चाहता। लिहाजा उसे अलग-थलग किया जाए, ताकि उसे अहसास हो सके कि आतंक को पोषित करने की क्या सजा है।”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वर्चुअल रूप से इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गुरुवार को भाग लिया और आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की जमकर क्लास लगाई। ‘आतंकवाद से मुकाबला’ और ‘हिंसक अतिवाद : पीड़ितों के नजरिए’ विषय पर सम्मेलन में पाकिस्तान के नेशनल असेंबली स्पीकर की टिप्पणी का जवाब देते हुए बिरला ने यह स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।
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