देशव्यापी लॉकडाउन के बीच विभिन्न धर्मों के अनेक त्योहार आए पर लोगों ने बड़े धैर्य और अनुशासन के साथ अपने घरों में ही रहकर इन्हें मनाया। वहीं, जैसा कि सबको डर था रमज़ान शुरू होते ही देश के अलग-अलग स्थानों से मस्जिदों में सामूहिक नमाज़ें व अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर लोगों द्वारा खरीदारी करने की खबरें सामने आने लगीं। देश आज कोरोना वायरस की चपेट में है और ऐसे में एक समुदाय विशेष द्वारा बार-बार लॉकडाउन की अवहेलना करना आम जनमानस में उनकी नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रहा है। लॉकडाउन की पाबंदियों के बीच देश के कई राज्यों में लोग मस्जिदों में नमाज़ पढ़ने पहुंच गए और जब पुलिस ने इन्हें ऐसा करने से रोकना चाहा तब पुलिस पर पथराव होने की घटनाएं सामने आने लगीं। कुछ ऐसा ही वाक्या हुआ उत्तर प्रदेश के बहराइच के अलग-अलग स्थानों की मस्जिदों में जब पुलिस द्वारा उन्हें सामूहिक नमाज़ पढ़ने से रोका तो उन पर हमला कर दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने अब तक 31 मुसलमानों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया हैI इसी तरह की घटना दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के कसबायार द्रबगाम की मस्जिद में देखने को मिली जहाँ लोग नमाज़ पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए थे। फिर जब पुलिसकर्मियों द्वारा इन्हें ऐसा करने से रोका गया तो आरोप है कि इन नमाज़ियों ने पुलिस वालों के साथ धक्कामुक्की की। पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों को हिरासत में लिया है। झारखंड से भी ऐसी ही अप्रिय घटना सामने आई जहाँ के गोड्डा जिले की एक मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के लिए मुसलमान एकत्रित हुए और रोके जाने पर पुलिस पर पथराव किया गया। लॉकडाउन की धज्जियाँ केवल यहीं तक उड़ती तो गनीमत थी। देश के कई कोनों से रमज़ान का महीना शुरू होने पर बहुतायत में मुसलमानों द्वारा घरों से निकलकर खरीदारी करने की घटनाएं सामने आईं।
बात देश की राजधानी दिल्ली की करें तो शुक्रवार को चाँदनी चौक इलाके में देखते-ही-देखते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसी तरह लोगों का जमघट उत्तर–पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क में भी देखने को मिला जहाँ पर लॉकडाउन का माखौल उड़ाया गया और सोशल डिस्टेंसिंग का तो जैसे किसी को याद ही न रहा हो। आज दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,514 तक पहुंच गई है पर फिर भी लोग नहीं चेत रहे। वहीं, उत्तर प्रदेश की बात करें तो शुक्रवार रात रमज़ान का चाँद दिखने के बाद लखनऊ के कई इलाकों के बाज़ारों में लोगों का हुजूम लग गया और लॉकडाउन निरर्थक हो गया। इस बीच यहाँ भी खरीदारी करते हुए लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग की सुध नहीं ली। लखनऊ के इलाकों में रकाबगंज, बालागंज व चौक प्रमुख रहे जहाँ की दुकानों में भीड़ देखी गई। ज्ञात हो कि शुक्रवार रात 8 बजे के बाद इन इलाकों में एकाएक भीड़ एकत्रित हो गई। लोग रमज़ान के मद्देनज़र सामान खरीदने बाज़ार आ गए।
वहीं, सरकार की तरफ से खरीदारी करने की ऐसी कोई छूट भी नहीं दी गई थी पर फिर भी लोगों का यूं अपने घरों से बाहर निकलना कोरोना वायरस के संक्रमण को दावत ही देना हुआ। इस बीच चारपहिया व दो पहिया वाहनों की भी सड़कों पर काफी संख्या दिखी। वहीं, इन इलाकों की दुकानों पर लगी भारी भीड़ को देखते हुए सामाजिक दूरी का उल्लंघन भी साफ देखने में आया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। गौरतलब है कि लोगों को कोरोना वायरस की गंभीरता को समझाने हेतु पुलिस द्वारा इन इलाकों में अनाउंसमेंट भी किया गया। कोरोना वायरस के संक्रमणकाल में रमज़ान को देखते हुए केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने देशभर के वक्फ बोर्ड अधिकारियों से चर्चा करके अपने-अपने स्थानों में लॉकडाउन का पालन कड़ाई से कराने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के मद्देनज़र शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड ने रमज़ान के मौके पर सहरी व इफ्तार के दौरान किसी भी स्थान पर भीड़ न जमा करने की हिदायत दी है।
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