भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में बहुत सारे ऐसे नाम हैं जिन्हें उनके जाने के बाद भी याद किया जाएगा। ऐसा नहीं है कि यह अभिनेता किसी बड़े परिवार से ताल्लुक रखते थे बल्कि इन अभिनेताओं ने अपनी कला के बल पर लोगों के दिलों में स्थान बनाया है। ऐसे ही एक अभिनेता थे संजीव कुमार… आज 8 जुलाई को संजीव कुमार की 83 वी जयंती है। संजीव कुमार भारतीय फिल्म जगत के एक ऐसे अभिनेता थे जिनकी आंखें भी अभिनय किया करते थीं। संजीव कुमार का जन्म गुजरात के सूरत (Surat) शहर में 9 जुलाई 1938 को हुआ था। उनका असल नाम हरीहर जेठालाल जरीवाला था।
उनके अभिनय का ही जलवा था कि कम उम्र में ही उन्होंने कई बड़े मानक स्थापित किए। संजीव कुमार तीन भाईयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। अपनी मां से बेहद प्यार करने वाले संजीव कुमार के पिता का निधन उनके बचपन में ही हो गया था। दरअसल, संजीव कुमार के पिता समेत परिवार का कोई भी पुरुष सदस्य 50 की उम्र पार नहीं कर पाया था। खुद संजीव को भी यही डर सताता रहता था कि उनकी मृत्यु 50 वर्ष की उम्र पार करने से पहले ही हो जाएगी। जो कालांतर में सही साबित हुआ। संजीव कुमार का निधन दिल का दौरा पड़ने की वजह से 47 साल की उम्र में हुआ था।
संजीव कुमार सबसे पहले शादीशुदा अभिनेत्री नूतन के साथ खबरों में आए थे। दोनों की मुलाकात 1970 में आई फिल्मदेवी की शूटिंग के दौरान हुई थी। शूटिंग के दौरान दोनों नजदीक आने लगे, और दोनों के प्रेम के चर्चे अखबारों की हेडलाइंस बन गए। जिसके कारण नूतन का गृहस्थ जीवन अस्त व्यस्त होने लगा। कहा जाता कि अपने पति लेफ्टिनेंट-कमांडर रजनीश बहल को शांत करवाने और अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए, नूतन ने भरे सेट पर सभी की मौजूदगी में संजीव कुमार को चांटा जड़ दिया था। संजीव कुमार के करीबी कहते हैं कि नूतन के उस थप्पड़ ने संजीव के दिल को पहला झटका दिया था।
1970 में आई रमेश सिप्पी की फिल्म ‘सीता और गीता’ की शूटिंग के दौरान हेमा मालिनी पर संजीव कुमार दिल हार बैठे थे। लेकिन अफसोस, हेमा के पिता इस रिश्ते के लिए राज़ी नहीं हुए क्योंकि उन्हें अपनी बेटी के लिए एक अच्छा पति चाहिए था। हांलाकि 5 साल बाद संजीव कुमार ने सेकेंड चांस लिया, और फिल्म ‘शोले’ की शूटिंग के दौरान हेमा मालिनी को प्रपोज़ कर दिया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। क्योंकि हेमा मालिनी तब तक चार बच्चों के पिता धर्मेंद्र के संपर्क में आ चुकी थी।
जयश्री टी. के साथ भी संजीव कुमार का नाम जुड़ा था। हांलाकि दोनों के बीच उम्र का फासला ज्यादा था। लेकिन फिर भी दोनों का प्यार बहुत तेजी के साथ दुनिया के सामने आ रहा था। हांलाकि जयश्री ने अफेयर की खबरों से इंकार करते हुए संजीव कुमार को सिर्फ अपना अच्छा दोस्त बताया था। 6 नवंबर 1985, को संजीव कुमार को दिल का दूसरा दौरा पड़ा जो उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।



