छत्तीसगढ के बस्तर इलाके में शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे जोनागुड़ा गांव के पास नक्सलियों की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन और तर्रेम के सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ तीन घंटे से अधिक समय तक चली थी । पाल ने बताया था कि मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान, बस्तरिया बटालियन के दो जवान तथा डीआरजी के दो जवान (कुल पांच जवान) शहीद हो गए थे। इस दौरान 30 जवान गंभीर रूप से घायल भी हुए। घायल जवानों में से सात जवानों को रायपुर के अस्पताल में तथा 23 जवानों को बीजापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रविवार को इस पूरे मामले में 18 जवानों के शव बरामद हुए।पुलिस अधिकारी ने बताया था कि सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव बरामद किया है। मुठभेड़ में नक्सलियों को भी काफी नुकसान होने की खबर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया जा रहा है केंद्रीय मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए आज बैठक करेंगे। इसलिए वह असम में अपना चुनावी दौरान बीच में छोड़कर दिल्ली वापस आ रहे हैं।नक्सलियों ने इस घटना के दौरान दो दर्जन से ज्यादा हथियार लूट लिए हैं और जवानों के जूते और कपड़े तक लेकर चले गए हैं। इससे पहले शनिवार को पुलिस ने 5 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की थी और 15 जवान लापता बताए जा रहे थे। बस्तर आईजी सुंदरराज के अनुसार घटनास्थल के आसपास अभी भी नक्सलियों के मौजूदगी की आशंका है। ऐसे में रिइंफोर्समेंट पार्टी सावधानी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कोबरा बटालियन के एक जवान की शहादत की जानकारी दी थी। इस घटना में बताया जा रहा है कि करीब 15 नक्सलियों की भी मौत हो चुकी है।