विद्युत विभाग के कर्मचारियों का हड़ताल वापस, बिजली वापस आने पर दौड़ी खुशी की लहर

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल जिले में बिजली हड़ताल के समस्या का समाधान निकाला जा चुका है। सरकार के बीच आपसी सहमति से अब कर्मचारी वापस काम पर लौट चुके है। लगातार चल रहे 3 दिन से बिजली हड़ताल समाप्त हो चुका है।

0
546

उत्तर प्रदेश के लोगों को बीते रविवार से बिजली कटौती की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब उनके लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विद्युत विभाग के कर्मचारियों और सरकार के बीच आपसी सहमति से अब कर्मचारी वापस काम पर लौट चुके है। लगातार चल रहे 3 दिन से बिजली हड़ताल समाप्त हो चुका है।

यह हड़ताल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का निजीकरण करने विरोध में था। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा उच्च अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद निजी करण का फैसला फिलहाल वापस लिए जाने के बाद प्रदेश एक बार फिर से अंधेरे जिलों में उजाले की ज्योति जगमग आने लगी है। लगभग हर जिले में बिजली संचालन शुरू कर दी गई है। यदि कुछ जगहों बिजली संचालन नहीं हुआ है तो वहां भी कुछ ही देर में संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

बिजली विभाग कर्मचारियों और सरकार के बीच चली करीब 4 घंटे की वार्ता के बाद निजी करण के प्रस्ताव को फिलहाल के लिए वापस ले लिया गया है। 3 महीने के लिए निजी करण का प्रस्ताव टाला जा चुका है आगे निजी करण से संबंधित कोई भी फैसला 3 महीने के बाद ही लिया जा सकता है। इस दौरान बिजली कंपनियों को सरकार की लाइन लॉस कम करने राजस्व वसूली बढ़ाने जैसे शर्तों को भी पूरा करना होगा।

कर्मचारी लौटे काम पर, जनता को मिली राहत

बीते रविवार से बिजली गुल होने के बाद मंगलवार के दिन शाम को बिजली का संचालन चालू कर दिया गया। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के फैसले पर सरकार और कर्मचारियों के सहमति बन गई है, जिसके बाद विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले लिया है। 48 घंटों तक बिजली गुल होने के कारण आम जनमानस को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। सरकार ने इस को ध्यान में रखते हुए जल्द ही विद्युत विभाग के कर्मचारियों से बात करके नया हल खोज निकाला है। सरकार द्वारा मिले आश्वासन के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार को वापस ले लिया है और काम पर लौट आए हैं। बिजली आने के बाद आम जनमानस में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। आम जनमानस सरकार को फैसले का निपटारा जल्द करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित कर रही है।

3 महीने तक हर कार्यों की होगी समीक्षा

बिजली विभाग में फैले भ्रष्टाचार से मुक्त करने के लिए सरकार हर महीने समीक्षा करेगी। बिलिंग और कलेक्शन एफिशिएंसी के साथ-साथ ग्राहक संतुष्टि को विशेष ध्यान दिया जाएगा। फिलहाल निजी करण के फैसले को 3 महीने के लिए वापस लिया जा चुका है परंतु हर महीने बिजली कंपनियों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। सरकार और बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि बिजली वितरण के कार्यों को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए और यही कारण है कि बिजली कंपनियों कि हर माह समीक्षा की जाएगी। जनवरी 2021 तक निजी करण के फैसले पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। जनवरी 2021 में बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों को कॉन्फिडेंस में लेने के बाद इस पर विचार किया जाएगा।

3 महीने में सुधरेगी वर्षों से भ्रष्ट व्यवस्था?

बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही, गैर जिम्मेदाराना काम, लाइन लॉस, राजस्व वसूली आदि मामले लगातार प्रकाश में आते रहते हैं। माना जा रहा है कि इस सहमति के बाद से बिजली वितरण कंपनियों, और अधिकारियों के जिम्मेदारियों में परिवर्तन आ सकता है कुल मिलाकर कहें तो बिजली व्यवस्था बेहतर हो सकती है। बिजली व्यवस्था के बेहतर रहने का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है सरकार जनवरी 2021 बिजली विभाग के कंपनियों को लाइन लॉस कम करने और राजस्व वसूली के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आदेशित व प्रेरित किया है। देखना यह होगा कि जो वर्षों से काम नहीं हो पाया वह 3 महीने में क्या हो पाएगा?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here