दिल्ली मेट्रो में तैनात होंगे ओसामा बिन लादेन को पकड़ने वाली प्रजाति के कुत्ते

दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में पहली बार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) फुर्तीले बेल्जियन मैलिनोइस प्रजाति के डॉग ‘पोलो’ को 7 सितंबर से तैनात किया जाएगा। ये उसी नस्ल के कुत्ते हैं जिन्होंने पाकिस्तान में अमेरिकी सुरक्षा बलों द्वारा चलाये गए सर्च ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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दिल्ली भारत की राजधानी है इसीलिए दिल्ली हमेशा आतंकवादियों के निशाने पर रही है। दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो भी लगातार आतंकियों के निशाने पर रही है। दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में पहली बार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) फुर्तीले बेल्जियन मैलिनोइस प्रजाति के डॉग ‘पोलो’ को 7 सितंबर से तैनात किया जाएगा। ये उसी नस्ल के कुत्ते हैं जिन्होंने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की उस समय सहायता की थी ज़ब एजेंसी पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की खोज कर रही थी। बेल्जियन मैलिनोइस प्रजाति नस्ल के कुत्ते ‘काहिरा ने ऑपरेशन के दौरान ओसामा बिन लादेन की पहचान की थी। भारत में यह पहली बार हो रहा है कि किसी सरकारी संस्था में बेल्जियन मैलिनोइस नामक नस्ल के कुत्ते तैनात होंगे।

इन कुत्तों में बहुत सारी प्रमुख विशेषताएं पाई जाती हैं। कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्न है-

पोलो तीव्र हमला करने की कुशलता और सूंघने की क्षमताएं में दूसरों से बिलकुल अलग है। इनके सुनने की क्षमता अन्य कुत्तों से बहुत अधिक होती है। यह केवल ऐसा कुत्ता है, जो तीन कामों, सूंघने, हमला करने और रक्षा में सक्षम है। जबकि अन्य ब्रीड जैसे जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर केवल एक ही टास्क कर सकते हैं। इसके लिए दो हैंडलर की जरूरत होती है, जबकि सीआईएफ में प्रति डॉग एक हैंडलर है। यह लगभग 40 किलोमीटर चल सकता है जबकि अन्य डॉग 4-7 किमी ही चल सकते हैं। सीआईएसएफ के पास 61 कुत्ते हैं, जिन्हें दिल्ली मेट्रो के विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जाएगा।

बेल्जियम मेलोनॉइज वही कुत्ते हैं, जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा के लिए लगाया गया है। बेल्जियम मेलोनॉइज अपराधियों को पकड़ने में काफी अहम रोल निभाते हैं। उसके बाद बगदादी को पकड़ने में भी बेल्जियम मेलोनॉइज ने अहम भूमिका निभाई थी। इनकी कीमत 60 से 65 हजार रूपये होती है

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