कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को एक वर्चुअल मीटिंग को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। हालांकि उन्होंने पूरे अभिभाषण में कहीं भी भाजपा का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका सीधे तौर पर निशाना मोदी सरकार पर था। सोनिया गांधी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि देश में कुछ ताकतें लोगों को लड़ा कर नफरत का जहर घोल रही हैं। उनका कहना था, “इस समय देश में अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में है और वे ताकतें देश के कई वर्गों का मुंह बंद रखना चाहती हैं। गांधी, नेहरू या अंबेडकर जैसे हमारे पूर्वजों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि आजादी के 75 साल बाद देश ऐसे हालात में पहुंच जाएगा, जहां लोकतंत्र और संविधान खतरे में होगा।”
न्यूज़ एजेंसी एनआईए के अनुसार सोनिया गांधी ने कहा, “कुछ ताकतें जो चाहती हैं कि लोग आपस में लड़ते रहे देश में नफरत का जहर घोल रहे हैं। देश में अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में है। लोकतंत्र को नष्ट किया जा रहा है। वे चाहते हैं कि दलित, आदिवासी महिला और युवा अपना मुंह बंद रखें। वे पूरे का मुंह बंद रखना चाहते हैं। हमारे किसी भी पूर्वज चाहे वे महात्मा गांधी हों, जवाहरलाल नेहरू हों या भीमराव अंबेडकर !.. यह सोचा नहीं होगा कि आजादी के 75 साल बाद देश में ऐसे हालात उत्पन्न हो जाएंगे जो हमारा संविधान और लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा।”
हालांकि सोनिया गांधी का यह बयान उस समय आया है जब कांग्रेस अपने अंदर की क्लेश को समाप्त नहीं कर पा रही। देश के लोकतंत्र को खतरे में बताने वाली कांग्रेस अध्यक्षा अपनी पार्टी के लोकतंत्र के बारे में कभी नहीं बोलती।
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