लगातार सवालों में घिरे रहने के बाद अब योगी सरकार के अधिकारियों ने एक तुलनात्मक अध्ययन कर कुछ आंकड़े पेश किए हैं जो आंकड़े उत्तर प्रदेश के आपराधिक रिकॉर्ड को बताते हैं।उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का कहना है कि जब से उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार बनी है, तब से लगातार अपराधों में गिरावट आई है। इस रिकॉर्ड के अनुसार मार्च 2017 में राज्य में भाजपा की सरकार के गठन के बाद प्रदेश में बलात्कार की घटनाओं में भारी कमी आई है।
इस रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार 2017 के पहले 7 महीनों में दुष्कर्म की 2582 घटनाएं दर्ज की गईं लेकिन पिछले 3 वर्षों में धीरे-धीरे यह घटनाएं कम हो गई हैं। आंकड़ों के अनुसार साल 2018, 2019 और 2020 की इस अवधि में क्रमशः 2444, 1695 और 1216 दुष्कर्म की घटनाएं दर्ज की गईं। इन आंकड़ों के अनुसार पिछले 3 वर्षों में डकैती, लूट, हत्या और फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं में बहुत कमी आई है। इन आंकड़ों के अनुसार साल 2017 के पहले 7 महीनों में करीब 149 डकैती के मामले आए थे। 2018 में यह घटकर 94 हो गए, 2019 में यह 68 और अब साल 2020 में डकैती के मामले 38 हो गए।
गृह विभाग ने यह भी कहा है कि इस साल जनवरी और जुलाई के बीच राज्य पुलिस ने आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। जिनमें से गुंडा अधिनियम के तहत 17908 लोगों पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत 2346 लोगों पर और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम एनएसए के तहत 112 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। गृह विभाग ने बताया कि 2017 के बाद करीब 388 लोगों को एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया है।
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