जैसे-जैसे प्रवेश परीक्षाओं का समय निकट आ रहा है, वैसे-वैसे इन परीक्षाओं को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग राय निकल कर आ रही है। देश के 6 राज्य जिनमें राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और झारखंड शामिल हैं, के मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि जेईई और नीट की परीक्षाओं को स्थगित किया जाए। इन छह राज्यों के मंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है कि अदालत के 17 अगस्त के आदेश की समीक्षा करने और सितंबर में होने वाली नीट-जेईई की परीक्षा को स्थगित करने का निवेदन किया गया है।
इस पूरे मामले में पश्चिम बंगाल के श्रम मंत्री मलोय घटक, झारखंड के मुख्यमंत्री डॉ रामेश्वर, राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा, छत्तीसगढ़ के योजना मंत्री अमरजीत भगत, पंजाब के मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू और महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय रविंद्र सामंत शामिल हैं। इन परीक्षाओं को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग विचार हैं।
कुछ राज्य परीक्षा आयोजित करने को तैयार हैं लेकिन कुछ राज्य इसमें असमर्थता जता रहे हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश चंद शर्मा ने केंद्र सरकार से परीक्षाओं के आयोजन के लिए सहमति जताई है। तो वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल को पत्र लिखकर परीक्षाओं को टालने की मांग की है। कांग्रेस आज देश के कई हिस्सों में इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। बेंगलुरु और अहमदाबाद में भी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है।



